अगर प्रतिदिन कोई मंत्र न पढ़ सकें तो कम से कम किसी खास अवसर पर या जैसे एकादशी या गुरुवार के दिन भगवान विष्णु का स्मरण कर 'ॐ ...
हथेली पर पर्वतों की स्थिति अलग-अलग स्थानों पर बनती है। हथेली में गुरु, शनि, सूर्य, बुध अंगुली के ...
मेष- शनि मेष राशि पर हो तो कष्टफल करता है। यह शनि शत्रु एवं नीच राशि है। ऐसे जातक कुसंगति में उलझकर ...